नई दिल्ली,(समर सलिल)। वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी जीत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने UMEED पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जिन पक्षों को इस प्रक्रिया पर आपत्ति है, वे वक्फ ट्रिब्यूनल के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने स्पष्ट किया कि वक्फ कानून में पहले से ही उपाय मौजूद हैं, इसलिए समयसीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रत्येक मुतवल्ली ट्रिब्यूनल जाकर अपने मामले के आधार पर राहत ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB), AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी और अन्य पक्षों की याचिकाओं पर सुनाया, जिसमें UMEED पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की छह महीने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि “समयसीमा बढ़ाने का कोई सवाल नहीं, जरूरत हो तो ट्रिब्यूनल जाएं।”
